कोरोना संक्रमण के दरम्यान सैनि टायझर की दुप्पट-तिप्पट क्यो हुई, मौके का फायदा उठाने वाले कंपनियों के खिलाफ प्रशासन कारवाई क्यू नही कर रहा, अगर यही कंपनियों का नागरिकों द्वारा दवाई लेना बंद हो जाएगा तो कंपनी का क्या होगा, कृपा करके प्रशासन ध्यान दे, सैनि टायझर को अमिर लोग युज कर सकते है क्या, इतनी कीमती बडेगी तो गरीब लोग क्या करेंगे== जनता का रक्षक न्यूज रिपोर्ट नरेंद्र खंडारे,

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युसूफ ख्वाजा हमीद यह नाम है सिपला कंपनी के मालिक का
कंपनी पिछले 70 सालों से दवाइयां बनाते आ रही है और बेतहाशा मुनाफा कमाती आ रही है,पता नहीं इन्होंने ऐसी कौन सी जनसेवा की जो कांग्रेस सरकार में 2005 साल में इन जनाब को पद्म भूषण अवार्ड से सम्मानित किया गया राष्ट्रपति के द्वारा
वैसे तो थोड़ी बहुत मुनाफाखोरी कालाबाजारी हर व्यापारी वक्त आने पर करता ही है लेकिन मुर्दे का कफन भी नोच लेना किसे कहते हैं यह आप नीचे के चित्र में देख सकते हैं एक ही महीने में उत्पादित हैंड सैनिटाइजर की कीमत देखिए पहला चित्र कोरोना एक्टिव होने से पहले का उत्पादन और दूसरा कोरोना एक्टिव होने के बाद दोनों की कीमत पर जरा गौर फरमाइए ताकि इन लोगों की असलियत सारी दुनिया को पता चल सके ।

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